आंध्र प्रदेश में 100 शहरी स्थानीय निकायों से जुड़ी चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाए जाने की खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में कार्रवाई की है। इस फैसले से संबंधित शहरी निकायों में चुनाव की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने 13 नगर निगमों और 87 नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों सहित सभी 100 शहरी स्थानीय निकायों में आगे की चुनावी प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। आयोग ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद उठाया है।
सुप्रीम कोर्ट में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने आरोप लगाया था कि कुछ क्षेत्रों में हिंसा, धमकी और कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं के कारण उसके उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सके। अदालत ने इन शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने का निर्देश दिया।
अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग को अंतिम उम्मीदवार सूची जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित समय तक टालने और प्रभावित क्षेत्रों में नामांकन की समयसीमा बढ़ाने पर विचार करने को कहा। यदि आयोग समयसीमा बढ़ाने का फैसला करता है, तो उम्मीदवारों को कम से कम 48 घंटे का अतिरिक्त समय देना होगा।
आयोग ने जिला कलेक्टरों, चुनाव अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। इन रिपोर्टों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल चुनाव प्रक्रिया पर रोक को चुनाव रद्द होना नहीं माना जाना चाहिए; आगे की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और आयोग के अगले आदेश पर निर्भर करेगी।

