जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ बहाल करने और चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग को लेकर पांच छात्रों की भूख हड़ताल शनिवार को 13वें दिन भी जारी रही। प्रदर्शनकारी छात्र जामिया मिलिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन (JMISU) को दोबारा बहाल करने की मांग कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी की छात्र यूनियन को मार्च 2006 में भंग कर दिया गया था। इस बीच, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी कोर्स की कक्षाएं तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक ऑनलाइन संचालित करने का फैसला किया है। इस संबंध में जारी नोटिस में डीन, विभागाध्यक्षों, निदेशकों, शिक्षकों और नियमित छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं के निर्धारित शेड्यूल का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

यूनिवर्सिटी के नोटिस में शिक्षकों से ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था करने और विद्यार्थियों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है। वहीं, गेट नंबर 7 के बाहर लगाए गए एक नोटिस में विश्वविद्यालय के सभी गेट, कैंटीन और लाइब्रेरी अगले आदेश तक बंद रखने की जानकारी दी गई है। दूसरी ओर, प्रदर्शन स्थल को खाली कराए जाने को लेकर भी रिपोर्ट्स सामने आई हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रशासन ने प्रदर्शन खत्म कराने के लिए छात्रों को वहां से हटाया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने प्रेस रिलीज जारी कर विश्वविद्यालय प्रशासन पर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों और प्रदर्शन स्थल पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। संगठन ने इसे प्रशासन का कठोर रवैया बताया। प्रदर्शन शुरू होने के बाद से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र जासिम अली खान ने भी प्रशासन पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया और छात्रों का निलंबन रद्द करने की मांग की। वहीं, प्रदर्शनकारी छात्र अनस ने प्रॉक्टर और अनुशासन समिति की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस वापस लेने की मांग की। अनस ने कहा कि छात्र संघ बहाल होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस बीच, यूनिवर्सिटी परिसर में ‘फ्री कश्मीर’ नारे वाली ग्रैफिटी को लेकर उठे विवाद पर भी प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपना पक्ष रखा है। अनस ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करने के लिए एक नैरेटिव फैलाया जा रहा है और इस मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर यह पता लगाने की मांग की कि ग्रैफिटी किसने बनाई। अनस के मुताबिक, प्रदर्शनकारी और भूख हड़ताल कर रहे छात्र इस घटना में शामिल नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन पहले दिन से शांतिपूर्ण रहा है और आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।