महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने 500 करोड़ रुपये के कथित भुगतान से जुड़े विवाद में एक ऑडियो क्लिप जारी कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। जरांगे का दावा है कि इस रिकॉर्डिंग से उन्हें चुप कराने और उनके आंदोलन को कमजोर करने की कथित साजिश से जुड़े सवाल उठते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जरांगे द्वारा जारी कथित ऑडियो में बातचीत के दौरान 500 करोड़ रुपये दिए जाने और शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से रकम पहुंचाने का दावा सुनाई देने की बात कही गई है। श्रीकांत शिंदे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। जरांगे ने आरोप लगाया कि इस कथित लेनदेन का उद्देश्य उन्हें चुप कराना था। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं।
एकनाथ शिंदे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने न तो किसी को 500 करोड़ रुपये दिए हैं और न ही किसी से ऐसी रकम ली है। उन्होंने जरांगे से आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पुष्टि करने और संबंधित अधिकारियों के सामने सबूत पेश करने को कहा। शिवसेना नेताओं ने भी ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराने की मांग की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रिकॉर्डिंग असली है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ हुई है।
वहीं, महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने भी ऑडियो की सच्चाई सामने लाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की है। शिवसेना नेताओं ने आशंका जताई कि इस विवाद के जरिए एकनाथ शिंदे और भाजपा के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश हो सकती है। फिलहाल, मामले में सबसे अहम सवाल ऑडियो की प्रामाणिकता और कथित भुगतान के दावों की सत्यता है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

