मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में पुलिसकर्मियों पर नोएडा के एक फर्नीचर कारोबारी को कथित रूप से प्रताड़ित कर 5.72 लाख रुपये वसूलने का आरोप लगा है। मामला लिसाड़ी गेट थाने से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि कारोबारी शाहिद चौधरी को उनके बैंक खाते में साइबर धोखाधड़ी की रकम आने का डर दिखाकर पैसे देने के लिए मजबूर किया गया।
जानकारी के मुताबिक, कारोबारी के लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद लिसाड़ी गेट थाने में तैनात दरोगा अंकित और सिपाही नीरज पर कथित रूप से उन्हें फंसाने की योजना बनाने का आरोप है। आरोप है कि पहले शाहिद का बैंक खाता फ्रीज कराया गया और इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया।
कारोबारी के थाने पहुंचने पर उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि उनके बैंक खाते में साइबर फ्रॉड से जुड़ी रकम आई है। आरोप है कि इसी मामले में कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे रुपये वसूले गए। खाता अनफ्रीज कराने के नाम पर कुल 5.72 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले में पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों की जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और आधिकारिक बयान के आधार पर ही की जा सकेगी। फिलहाल इस मामले ने पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

