फर्रुखाबाद। जिले में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और वाहन चालकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) निर्माण खंड की ओर से विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रमुख जिला मार्गों और अन्य जिला मार्गों पर दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर सुरक्षा संबंधी कार्य कराए जाएंगे। विभाग की ओर से इसके लिए करीब 2.69 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना में चौराहों, तिराहों, मोड़ों, पुलों और आबादी वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, जहां वाहन चालकों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है।

विभाग की योजना के तहत सड़क पर रंबल स्ट्रिप बनाने, संकेतक बोर्ड लगाने और टेबल टॉप बनाने जैसे कार्य कराए जाएंगे। इन इंतजामों का उद्देश्य वाहन चालकों को आगे आने वाले मोड़, चौराहे या संभावित खतरे के प्रति समय रहते सचेत करना है। इससे वाहन चालकों को गति नियंत्रित करने और सड़क पर सावधानी बरतने में मदद मिलने की उम्मीद है।

फर्रुखाबाद-रोशनाबाद-शमसाबाद मार्ग पर रोशनाबाद तिराहे से लेकर कायमगंज, अमृतपुर और नवाबगंज क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर सुरक्षा संबंधी कार्य प्रस्तावित हैं। इसके अलावा एटा-अलीगंज-कायमगंज, नवाबगंज-अलीगंज और अटैना घाट-कंपिल-कायमगंज-संकिसा मार्ग पर भी दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।

विभाग की ओर से प्रत्येक स्थान पर होने वाले कार्य के हिसाब से लागत निर्धारित की गई है। अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा कार्यों की अनुमानित लागत अलग रखी गई है। जलालाबाद-शमसाबाद-सौरिख-बिधूना मार्ग पर बांसमई मोड़ के पास सबसे अधिक लागत से कार्य प्रस्तावित है। यहां सड़क सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए जाएंगे, ताकि वाहन चालकों को मोड़ पर संभावित खतरे का संकेत मिल सके।

पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार ने बताया कि जिले में चिह्नित स्थानों पर सड़क सुरक्षा संबंधी कार्य कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन कार्यों को पूरा करने के लिए दो माह का समय निर्धारित किया गया है।

सड़क हादसों को कम करने के लिए केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि उचित संकेतक, सुरक्षित मोड़, गति नियंत्रित करने के उपाय और वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी जरूरी है। खासकर आबादी वाले क्षेत्रों, चौराहों और संकरे मोड़ों पर सावधानी के इंतजाम होने से दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है।

पीडब्ल्यूडी की इस योजना से जिले के प्रमुख मार्गों पर आवागमन को सुरक्षित बनाने की उम्मीद है। हालांकि, इन कार्यों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब निर्धारित समय में निर्माण पूरा होने के साथ संकेतक और अन्य सुरक्षा इंतजामों का उचित रखरखाव भी किया जाएगा।