- 30 हजार रुपये जुर्माना

लखनऊ। भारतीय जाली मुद्रा की आपूर्ति करने के मामले में लखनऊ की आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) अदालत ने नेपाली नागरिक शेख जावेद इकबाल को 9 साल 7 माह के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

मामले में जांच के दौरान एटीएस ने करीब 26 लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, भारतीय जाली मुद्रा की आपूर्ति से जुड़े इस मामले में आरोपी की भूमिका सामने आई थी।

जानकारी के मुताबिक, शेख जावेद इकबाल को भारत-नेपाल सीमा पर सोनौली क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच की गई और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में सुनवाई हुई।

अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। जाली मुद्रा की तस्करी को देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां सीमा पार से होने वाली अवैध मुद्रा की आपूर्ति पर निगरानी रखती हैं।