ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा शनिवार, 24 अक्टूबर को हाई कोर्ट में उनकी याचिका खारिज होने के बाद स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश होने के लिए दिल्ली के मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं। सुनवाई के बाद नेहा बोरा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया। इसमें उन्होंने दावा किया कि जब वह थाने के बाहर पहुंचीं, तो वहां करीब 50 से 60 लोग मौजूद थे, जिन्होंने उन्हें धमकी दी। नेहा के मुताबिक, भीड़ में शामिल लोग लाउडस्पीकर पर उनके खिलाफ नारे लगा रहे थे और उन्हें थाने आने पर देख लेने की चेतावनी दे रहे थे।

वीडियो में अपनी आपबीती बताते हुए नेहा बोरा ने कहा कि उन्हें 24 अक्टूबर को SEM कोर्ट में सुनवाई के लिए मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचना था। उनके अनुसार, थाने से करीब 100 मीटर पहले ही उन्हें बाहर लोगों की भीड़ दिखाई देने लगी थी। नेहा ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद लोग लाउडस्पीकर पर ऐलान कर रहे थे कि अगर वह उस दिन वहां पहुंचीं, तो उन्हें कौन बचाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि भीड़ की ओर से उनके खिलाफ ‘नेहा बोरा मुर्दाबाद’ के नारे लगाए जा रहे थे। हालांकि, ये आरोप नेहा बोरा की ओर से साझा किए गए वीडियो में किए गए दावों पर आधारित हैं।

नेहा बोरा ने अपने वीडियो में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशन के बाहर इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने के बावजूद उन्हें हटाने के लिए कार्रवाई नहीं की गई। नेहा ने सवाल किया कि शांति भंग करने का मतलब आखिर क्या है और क्या पुलिस थाने के बाहर किसी को धमकी देना कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि एक ओर थाने के बाहर भीड़ के मौजूद रहने पर कार्रवाई नहीं होने का उनका आरोप है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों के सड़कों पर प्रदर्शन करने को शांति भंग करने की कार्रवाई से जोड़ा जाता है।

AISA अध्यक्ष ने अपने बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच की मांग और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग को लेकर होने वाले प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लोग इन मुद्दों पर नारे लगाते हैं, तो उसे शांति भंग करने की स्थिति क्यों माना जाता है। नेहा ने पूछा कि शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी किस तरह निभाई जा रही है। फिलहाल, थाने के बाहर कथित धमकी और पुलिस की भूमिका को लेकर नेहा बोरा के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों पर पुलिस या अन्य संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।