पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली एयरपोर्ट पर रोके जाने के मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। 23 अक्टूबर 2026 को पंजाब विधानसभा में उन्होंने आरोप लगाया कि पेरिस से लौटने के बाद उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर करीब दो घंटे तक इंतजार कराया गया।

भगवंत मान के मुताबिक, कस्टम अधिकारियों ने उनके सामान की जांच के नाम पर उन्हें रोके रखा। उन्होंने दावा किया कि सामान की जांच के दौरान कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद बाद में चालान जारी करने की बात कही गई। आम आदमी पार्टी के अनुसार, इस मामले में 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

मुख्यमंत्री मान ने दावा किया कि दिल्ली एयरपोर्ट के कस्टम प्रमुख मनीष कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के भाई हैं। उन्होंने इस घटना को राजनीतिक बदले की भावना से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ जानबूझकर ऐसा व्यवहार किया गया। हालांकि, इस कार्रवाई के पीछे राजनीतिक मंशा होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। AAP ने इसे मुख्यमंत्री के अपमान से जोड़कर सवाल उठाए हैं, जबकि मामले में कस्टम विभाग की कार्रवाई और लगाए गए जुर्माने को लेकर भी चर्चा जारी है। फिलहाल, भगवंत मान के आरोपों और पूरे घटनाक्रम पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।