रिलायंस जियो के आईपीओ को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, देश के सबसे बड़े आईपीओ में शामिल इस इश्यू के लिए निर्धारित शेयरों के मुकाबले करीब 22 गुना अधिक बोली लगाई गई। निवेशकों की भारी दिलचस्पी ने इस आईपीओ को चर्चा में ला दिया है।

इस आईपीओ में करीब 1.39 करोड़ आवेदन मिलने की जानकारी सामने आई है, जिसे भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड बताया जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलना दर्शाता है कि खुदरा निवेशकों से लेकर अन्य निवेशक वर्गों तक में जियो के शेयरों को लेकर काफी आकर्षण है।

रिलायंस जियो देश के दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी की व्यापक ग्राहक संख्या, डिजिटल सेवाओं और कारोबार के विस्तार की संभावनाओं के कारण निवेशक इसके आईपीओ पर नजर बनाए हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों के लिए भी इस इश्यू की मांग और निवेशकों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हालांकि, आईपीओ में ज्यादा बोली लगने का मतलब यह नहीं है कि सभी निवेशकों को शेयर आवंटित होंगे या लिस्टिंग पर मुनाफा निश्चित है। शेयरों का आवंटन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगा और लिस्टिंग का प्रदर्शन बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। नोट: 22 गुना सब्सक्रिप्शन और 1.39 करोड़ आवेदनों के आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही इन्हें अंतिम आंकड़ा माना जाना चाहिए।