दिल्ली नगर निगम (MCD) के सदन में गुरुवार, 22 अक्टूबर को पार्षदों के विकास फंड और वायु प्रदूषण के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि सदन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और महापौर प्रवेश वाही को कुछ समय के लिए सदन से बाहर जाना पड़ा।
हंगामे की शुरुआत पार्षदों के विकास फंड को लेकर हुई। AAP पार्षदों ने आरोप लगाया कि दो करोड़ रुपये के वार्षिक फंड की घोषणा के बावजूद उन्हें अपेक्षित राशि नहीं मिली है। महापौर ने 25 लाख रुपये की अतिरिक्त किस्त जारी करने की घोषणा की, लेकिन विपक्षी पार्षद इससे संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने अधिक राशि जारी करने की मांग की। इसके बाद सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
बैठक दोबारा शुरू होने पर वायु प्रदूषण पर चर्चा के दौरान विवाद और बढ़ गया। कांग्रेस पार्षद दल की नेता नाजिया दानिश की टिप्पणियों पर AAP पार्षद शगुफ्ता जुबेर चौधरी ने विरोध जताया। आरोप है कि महापौर ने नाजिया को व्यक्तिगत टिप्पणियां करने से नहीं रोका, जिसके बाद AAP पार्षद महापौर के आसन के पास पहुंच गए। इस दौरान आसन पर रखे कागजात फेंके गए और माइक तोड़कर नीचे पटकने की घटना सामने आई।
हंगामे के बावजूद महापौर ने सदन का एजेंडा पारित कराया और बाद में बैठक स्थगित कर दी। घटना के बाद महापौर ने सदन में अनुचित व्यवहार और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों पर नाराजगी जताई। रिपोर्टों के अनुसार, मामले को अनुशासन समिति के पास भेजा गया है, जो संबंधित पार्षदों के आचरण की जांच करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

