उत्तर प्रदेश में शिक्षक और स्नातक विधान परिषद (MLC) चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मतदाता सूची में गड़बड़ी, मतदाताओं को डराने और प्रशासनिक मशीनरी के कथित दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर चुनाव अधिकारियों से शिकायत की है।
सपा का आरोप है कि कई स्थानों पर मतदाता सूची में नाम गायब होने, नाम और पिता के नाम में गलतियां होने तथा एक ही मतदाता का नाम कई बार दर्ज होने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में पुलिस के जरिए मतदाताओं पर मतदान नहीं करने का दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रयागराज में सपा प्रत्याशी डॉ. मान सिंह यादव और पार्टी के अन्य नेताओं ने जिला प्रशासन से मुलाकात कर शिकायतें दर्ज कराईं। मतदान के दौरान भी कुछ केंद्रों पर विवाद की स्थिति बनी। सपा ने चुनाव आयोग से सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस बीच, भाजपा की ओर से भी मतदाता सूची में कथित दोहरी प्रविष्टियों को लेकर शिकायतें की गई हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची में नाम संबंधी त्रुटियों को लेकर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ऐसी गड़बड़ियों के कारण किसी पात्र मतदाता को उसके मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। 100 से अधिक शिकायतों का सटीक आंकड़ा और उन पर हुई कार्रवाई की स्थिति की अलग से आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

