कमालगंज संवाददाता।
कस्बा कमालगंज में चल रही ऐतिहासिक रामलीला में बुधवार रात युद्ध के दो सबसे महत्वपूर्ण प्रसंगों - कुंभकरण वध और मेघनाद वध का सजीव मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से रामायण काल के युद्ध दृश्यों को जीवंत कर दिया, जिसे देख दर्शक भावविभोर हो गए।
लीला मंचन के दौरान जैसे ही रावण के आदेश पर विशालकाय कुंभकरण युद्धभूमि में पहुंचा, पंडाल में सन्नाटा छा गया। कुंभकरण के विराट स्वरूप को देख श्रीराम की वानर सेना में हलचल मच गई। इसके बाद भगवान श्रीराम और कुंभकरण के बीच भीषण युद्ध का मंचन हुआ। अंत में श्रीराम ने अपने बाणों से कुंभकरण का वध कर अधर्म के प्रतीक का अंत किया। पूरे प्रसंग के दौरान दर्शकों ने जय श्रीराम के उद्घोष से पंडाल को गुंजायमान कर दिया।
कुंभकरण वध के पश्चात रावण पुत्र मेघनाद अपनी मायावी शक्तियों के साथ युद्ध मैदान में उतरा। मेघनाद और लक्ष्मण के बीच घमासान युद्ध का दृश्य दर्शकों को बांधे रहा। मायावी शक्तियों का प्रयोग करते हुए मेघनाद ने लक्ष्मण को चुनौती दी, लेकिन लक्ष्मण ने अदम्य पराक्रम दिखाते हुए मेघनाद का वध कर दिया। इस लीला के माध्यम से अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया गया।
रामलीला देखने के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने देर रात तक लीला का आनंद लिया।
रामलीला समिति के अनुसार अब गुरुवार को रावण दहन की मुख्य लीला का मंचन किया जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।

