दिवसीय प्राचीन रामलीला का समापन भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ हुआ। इससे पहले रामनगर थाने के नीचे भगवान श्रीराम और उनके छोटे भाई भरत का मिलाप हुआ। सैकड़ों वर्ष पुरानी परंपरा का कलाकारों ने निर्वहन किया। देर रात तक चले राज्याभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कोतवाल अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा।

रामनगर स्टेट की राजमाता मृणालिनी सिंह के संरक्षण में कस्बे के पक्के तालाब परिसर में आयोजित रामलीला में मंगलवार को रावण वध के साथ विजयदशमी का पर्व मनाया गया। इस दौरान रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। रामलीला में सेतुबंध रामेश्वरम स्थापना, अंगद-रावण संवाद, मेघनाथ-लक्ष्मण युद्ध, कुंभकरण वध, सीता खोज, हनुमान-सीता संवाद और लंका दहन सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन हुआ।

रामलीला में राकेश त्रिपाठी, साकेत त्रिपाठी, ओंकारनाथ त्रिवेदी, गिरिजा शंकर तिवारी, सत्यम तिवारी, उत्तम तिवारी और अच्युतम तिवारी सहित स्थानीय कलाकारों ने भूमिकाएं निभाईं। इस अवसर पर पूर्व चेयरमैन बद्री विशाल त्रिपाठी, विश्वनाथ शुक्ला, सुभाष अवस्थी, अनूप पांडेय, पंकज चतुर्वेदी सहित रामलीला से जुड़े कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।