क्रासर

दूध लेने जा रहे चाचा-भतीजे के ई-रिक्शा को मीरपुर गांव के पास वाहन ने मारी टक्कर, तीन मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

कायमगंज, फर्रुखाबाद।

कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में फर्रुखाबाद मार्ग पर मीरपुर गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने ई-रिक्शा चालक को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

जानकारी के अनुसार, कायमगंज क्षेत्र के मदारपुर गांव निवासी 50 वर्षीय सोबरन अपने भतीजे सत्यम को ई-रिक्शा पर बैठाकर शमशाबाद थाना क्षेत्र के फरीदपुर गांव में दूध लेने जा रहे थे। बताया जाता है कि जब वे कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर टेढ़ीकोन से आगे मीरपुर गांव के सामने पहुंचे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उनके ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ई-रिक्शा सवार सोबरन और सत्यम दोनों घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

हादसे के बाद घटनास्थल पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर विपिन ने सोबरन को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल सत्यम का उपचार किया गया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

सोबरन की मौत की खबर मिलते ही उनकी पत्नी पिंकी सहित परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल पहुंच गए। पति की मौत से पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के लोगों की चीख-पुकार से अस्पताल परिसर का माहौल गमगीन हो गया। मृतक अपने परिवार का भरण-पोषण ई-रिक्शा चलाकर करते थे। उनके परिवार में सात वर्षीय बेटी आशिकी, पांच वर्षीय बेटा हर्षित और तीन वर्षीय बेटी वर्षा है। पिता की अचानक मौत से तीनों मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया।

हादसे के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अज्ञात वाहन की जानकारी जुटाने और दुर्घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई में जुटी है। वहीं, सोबरन की मौत से मदारपुर गांव में शोक का माहौल है। परिवार के सामने अब तीन छोटे बच्चों के पालन-पोषण की चिंता भी खड़ी हो गई है।