- उत्तर प्रदेश पंचायती राज विभाग ने लिया संज्ञान

- कई गांवों में कराए गए निर्माण कार्यों की होगी जांच

- कई प्रधान परिजनों के नाम से बनाये फर्म उनका भी ब्यौरा भी होगा तलब

फर्रुखाबाद,कमालगंज। विकासखंड की कई ग्राम पंचायतों में कराए गए निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं और जी राम जी योजना में गोलमाल के आरोपों ने शासन तक कान खड़े कर दिए साथी यह भी तत्व प्रकाश में आए हैं की कई प्रधानों के परिजनों ने अपनी निजी फर्मे बनाकर खूब गोलमाल किया जिनका ब्यौरा भी तलब होगा। मामले को लेकर पंचायती राज विभाग के संज्ञान लेने के बाद अब उच्चस्तरीय जांच की तैयारी है।ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों, खर्च की गई धनराशि और कार्यों की वास्तविक स्थिति की पड़ताल होगी ।

ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नाम पर सरकारी धन खर्च किया जाता है, ताकि लोगों को सड़क, नाली, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। लेकिन यदि निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी या सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आती हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ग्राम पंचायतों की जवाबदेही तय होना जरूरी है। क्षेत्र में उठे सवालों ने इसी जवाबदेही को केंद्र में ला दिया है।

ब्लॉक के जिन गांवों में निर्माण कार्यों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, वहां कार्यों की स्वीकृत लागत, मौके पर हुए निर्माण, भुगतान अभिलेखों और गुणवत्ता का मिलान जांच का अहम हिस्सा हो सकता है। यदि किसी कार्य में निर्धारित मानकों के विपरीत निर्माण या भुगतान में अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका की जांच की जा सकती है।

जी राम जी योजना के अंतर्गत कराए गए कार्यों और उनमें अनियमितताओं को लेकर भी शिकायते हैं। मामले में वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए कार्यों के अभिलेख, माप पुस्तिका, भुगतान विवरण, मजदूरी भुगतान और स्थल निरीक्षण जैसे बिंदुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।

पंचायती राज विभाग के संज्ञान लेने के बाद संबंधित मामलों की जांच को लेकर जिला प्रशासन ने भी नजर घुमाई है। अब निगाहें ब्लॉक के करीबी उन गावों मे है ज़ो सड़क करीब हैं जांच का दायरा उन ग्राम पंचायतों तक तय होगा , अभिलेखों की पड़ताल और मौके पर निर्माण कार्यों का सत्यापन हो रहे स्नातक चुनाव के बाद शुरू होगा।