ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त, रेलवे तिराहे से आर. पी. महाविद्यालय तक लगा जाम, पुलिस और नगर पंचायत रही मुस्तैद
कमालगंज संवाददाता।
कस्बा कमालगंज में गुरुवार शाम ऐतिहासिक रामलीला मंचन के अवसर पर रावण वध का भव्य आयोजन किया गया। राम-रावण युद्ध देखने के लिए कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु और दर्शक उमड़ पड़े। पूरा मेला परिसर सहित रोड फुटपाथ सभी स्थान खचाखच भीड़ से भर गये।
जैसे ही मंच पर भगवान राम और रावण के बीच घमासान युद्ध शुरू हुआ, दर्शकों में उत्साह चरम पर पहुंच गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। आतिशबाजी के बीच जैसे ही रावण के विशाल पुतले का दहन हुआ, पूरा पंडाल 'जय श्री राम' के उद्घोष से गूंज उठा। बुराई पर अच्छाई की जीत के इस प्रतीक को देख लोगों में भारी हर्षोल्लास देखा गया।
यातायात व्यवस्था रही चरमराई
भारी भीड़ के कारण कस्बे की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। शाम होते-होते हालात इतने बिगड़ गए कि पैदल निकलना भी दूभर हो गया। भीड़ को देखते हुए प्रशासन को पहले से ही यातायात मार्ग में परिवर्तन करना पड़ा।
कानपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को रजीपुर से डायवर्ट कर सीधे शेखपुरा गुमटी की ओर भेजा गया, जबकि फतेहगढ़ की ओर से आने वाले वाहनों को शेखपुरा गुमटी से ही डायवर्ट किया गया था। इसके बावजूद रेलवे तिराहे से लेकर आर. पी. महाविद्यालय तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और भीषण जाम बना रहा। इस दौरान कई बार एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिसे निकालने में पुलिस और स्वयंसेवकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। सीओ और थाना प्रभारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुरुष व महिला कांस्टेबल ड्यूटी पर मुस्तैद नजर आए।
मेला व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में रामलीला कमेटी के पदाधिकारी, स्वयंसेवक और नगर पंचायत के कर्मचारी दिनभर लगे रहे। मेले में लगी दुकानों पर जमकर खरीददारी हुई। छोटे बच्चों और महिलाओं की विशेष रूप से भारी भीड़ देखने को मिली। कुल मिलाकर तमाम व्यवस्थागत चुनौतियों के बावजूद रावण वध का कार्यक्रम बड़े ही शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हुआ।


