नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में यमुना नदी की सतह पर शुक्रवार सुबह जहरीला झाग तैरता हुआ दिखाई दिया। नदी में झाग की मौजूदगी ने एक बार फिर प्रदूषण की समस्या को उजागर किया है। छठ पूजा से पहले यमुना की स्थिति को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
यमुना नदी में दिखाई देने वाला सफेद झाग आमतौर पर सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट और पानी में मौजूद फॉस्फेट जैसे प्रदूषकों से जुड़ा होता है। नदी में पर्याप्त मात्रा में उपचारित पानी नहीं मिलने और प्रदूषकों के जमा होने से भी ऐसी स्थिति बन सकती है। हालांकि, झाग में मौजूद प्रदूषकों की वास्तविक मात्रा की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
छठ पूजा के दौरान श्रद्धालु यमुना नदी के किनारे पहुंचकर सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। ऐसे में नदी में प्रदूषण और झाग की मौजूदगी को लेकर स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संबंधी चिंताएं बढ़ जाती हैं। नदी के पानी के संपर्क में आने से त्वचा संबंधी समस्याओं सहित अन्य स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
यमुना में प्रदूषण की समस्या दूर करने के लिए सीवेज का उचित उपचार, औद्योगिक अपशिष्ट पर नियंत्रण और नियमित जल गुणवत्ता की निगरानी आवश्यक है। छठ पूजा से पहले नदी की सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के लिए संबंधित एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। नदी के पानी की गुणवत्ता और झाग के स्तर को लेकर आधिकारिक जांच के नतीजों से स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

