उत्तर प्रदेश के रामपुर में आजम खां को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। टांडा में रविवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले रामपुर की राजनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।

ओवैसी की जनसभा को मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। रामपुर लंबे समय से समाजवादी पार्टी और आजम खां की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। ऐसे में एआईएमआईएम की सक्रियता ने स्थानीय सियासी समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है।

वहीं, अखिलेश यादव का आजम खां से प्रस्तावित मिलना भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मुलाकात को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि पार्टी के समर्थकों और मुस्लिम मतदाताओं के बीच राजनीतिक संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, मुलाकात के उद्देश्य को लेकर आधिकारिक बयान के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

विधानसभा चुनाव से पहले रामपुर में सपा और एआईएमआईएम की गतिविधियां आने वाले समय में राजनीतिक मुकाबले को प्रभावित कर सकती हैं। अब देखना होगा कि ओवैसी की सक्रियता और अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे का स्थानीय राजनीति पर कितना असर पड़ता है और आजम खां की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में कितनी अहम रहती है।