प्रसव के बाद महिला की मौत पर एल्विस हॉस्पिटल में बवाल, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र स्थित एल्विस हॉस्पिटल में प्रसव के बाद 30 वर्षीय महिला की मौत से हड़कंप मच गया। परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सकों पर गलत उपचार और लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक परिजनों को समझाने का प्रयास करती रही। देर रात महिला के शव को डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया।
मैनपुरी जनपद के रामनगर निवासी नीलेश राजपूत की पत्नी शशि प्रभा राजपूत को 20 अक्टूबर की रात करीब आठ बजे प्रसव पीड़ा होने पर एल्विस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, उसी रात लगभग 11 बजे ऑपरेशन के माध्यम से महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। परिवार में बच्चे के जन्म की खुशी थी, लेकिन अगले दिन महिला की तबीयत बिगड़ने और फिर उसकी मौत होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिजनों का आरोप है कि 21 अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे महिला को इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार के लोगों ने चिकित्सकों पर गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध शुरू कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल को घेर लिया और शव को वहीं रखकर कार्रवाई की मांग करने लगे।
परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद अस्पताल संचालक चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र राजपूत और उनकी पत्नी डॉ. संध्या राजपूत अस्पताल में ताला लगाकर वहां से चले गए। महिला की मौत की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। हालात को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर मऊदरवाजा थाना प्रभारी अजब सिंह, फर्रुखाबाद कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह गहलोत, वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश कुमार और उपनिरीक्षक रामकेश यादव सहित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शहर सर्किल के चारों थानों की पुलिस के साथ नवाबगंज थाने से भी पुलिसकर्मी बुलाए गए। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआत में परिजन काफी आक्रोशित रहे और शव का पंचनामा भरने की कार्रवाई का विरोध करते रहे।
काफी देर तक चले हंगामे के बाद परिजन रात करीब एक बजे महिला का शव लेकर डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला चिकित्सालय पहुंचे। इमरजेंसी में आवश्यक लिखापढ़ी पूरी होने के बाद पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया। मृतका के नवजात बेटे को जिला चिकित्सालय की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी देखरेख की जा रही है।
थाना प्रभारी अजब सिंह के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अस्पताल में उपचार के दौरान लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जानी है।

