फर्रुखाबाद। क्षेत्र के भरखा गांव में इंजेक्शन लगने के बाद एक राजमिस्त्री की मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पत्नी ने एक कथित झोलाछाप चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से चिकित्सा कार्य करने वालों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भरखा गांव निवासी श्रीपाल राजमिस्त्री का काम करते थे। उनकी पत्नी का आरोप है कि भरखा चौराहे पर बच्चों के साथ रहने वाले नीरज नामक व्यक्ति ने उनके पति को कमजोरी दूर करने के लिए इंजेक्शन लगाए थे। पत्नी के मुताबिक, बीते दिन श्रीपाल को तीन इंजेक्शन लगाए गए थे, जबकि गुरुवार को चौथा इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार, श्रीपाल कमजोरी महसूस कर रहे थे और ताकत बढ़ाने के लिए इंजेक्शन लगवा रहे थे। पत्नी ने आरोप लगाया है कि इंजेक्शन लगने के बाद उन्हें खुजली होने लगी और बाद में उनकी जान चली गई। घटना से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों ने मामले की जांच कराकर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि इंजेक्शन किस दवा का था और उसकी वजह से ही मौत हुई या नहीं। इसकी पुष्टि चिकित्सकीय जांच और संबंधित अधिकारियों की पड़ताल के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, कथित चिकित्सक पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यदि बिना आवश्यक योग्यता और पंजीकरण के कोई व्यक्ति मरीजों का इलाज कर रहा है, तो यह लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग की जांच और उचित कार्रवाई जरूरी है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित इलाज मिल सके।

