- कंप्यूटर ऑपरेटर और 5 BLO हटाए गए
आजमगढ़
जिले में मतदाता सूची में विकास यादव नाम की कई प्रविष्टियां मिलने के मामले में निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई की है। जांच के बाद एक कंप्यूटर ऑपरेटर और पांच बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को मतदाता सूची से जुड़े काम से हटा दिया गया है। इन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा, मामले में तत्कालीन दो निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) और एक सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। जिला निर्वाचन अधिकारी को पूरे जिले की मतदाता सूचियों की जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
यह मामला तब सामने आया जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया। पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विकास यादव नाम के एक युवक को पेश करते हुए आरोप लगाया था कि एक ही विधानसभा क्षेत्र में उसके नाम पर कई जगह वोट दर्ज हैं। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने मामले का संज्ञान लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी। जांच में विकास यादव नाम से कई प्रविष्टियां सामने आईं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक प्रविष्टि में संबंधित व्यक्ति का वास्तविक नाम विकास यादव पाया गया, जबकि अन्य 10 लोगों के नाम और विवरण में त्रुटियां मिलीं। इन विवरणों को ठीक कराने के लिए फॉर्म-8 भरवाया गया है।
जांच के दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर और पांच BLO की लापरवाही सामने आने के बाद उन्हें मतदाता सूची से संबंधित कार्यों से हटाने का फैसला लिया गया। संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने और सेवा संबंधी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 32 के तहत कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी की जाएगी। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह पता लगाना है कि मतदाता सूची में गलत प्रविष्टियां किस स्तर पर हुईं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और संबंधित नियमों के आधार पर की जाएगी।

