- फेसटाइम बातचीत और हाईप्रोफाइल संपर्कों की जांच पर निगाहें
लखनऊ। कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में गिरफ्तार श्रद्धा दुबे को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि फरारी के दौरान श्रद्धा फेसटाइम के जरिए कई लोगों के संपर्क में थी। एक पूर्व पुलिस महानिदेशक के बेटे से उसके संपर्क में रहने की बात भी सामने आई है।
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का अहम पहलू यह है कि 11 दिनों तक फरार रहने के दौरान उसे किन लोगों से मदद मिली और वह लगातार अपने ठिकाने कैसे बदलती रही। उसके मोबाइल फोन, संपर्क सूत्रों और डिजिटल गतिविधियों से जुड़े पहलुओं को लेकर भी चर्चा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, श्रद्धा दुबे के संपर्कों में प्रभावशाली लोगों के शामिल होने की आशंका जताई गई है। कुछ रिपोर्टों में नेताओं, अधिकारियों और अन्य चर्चित व्यक्तियों से संपर्क होने के दावे भी किए गए हैं। इन दावों के बीच पूर्व डीजीपी के बेटे से कथित संपर्क की बात ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के मोबाइल में संपर्क नंबर होना अपने आप में अपराध में संलिप्तता या किसी तरह की मदद का प्रमाण नहीं है। यह स्पष्ट होना जरूरी है कि संबंधित लोगों से बातचीत कब हुई, उसका उद्देश्य क्या था और क्या उनका शिवा शर्मा की मौत या श्रद्धा की फरारी से कोई संबंध था। इन सवालों का जवाब जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही मिल सकता है।
श्रद्धा दुबे की फरारी से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों में फेसटाइम सहित डिजिटल माध्यमों से संपर्क बनाए रखने का उल्लेख किया गया है। बताया गया है कि उसने फरारी के दौरान मोबाइल फोन और संपर्क के तरीकों में बदलाव किया था। हालांकि, पूर्व डीजीपी के बेटे के साथ कथित बातचीत के समय, अवधि और विषय के बारे में कोई पुष्ट आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।
जांच के लिहाज से मोबाइल फोन का तकनीकी परीक्षण, उपलब्ध कॉल विवरण, डिजिटल साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयान महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इनसे यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि फरारी के दौरान श्रद्धा किन लोगों के संपर्क में थी और क्या किसी ने उसे ठिकाना बदलने, यात्रा करने या पुलिस से बचने में मदद दी थी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे करीब 11 दिनों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रही। इस दौरान उसके नेपाल जाने, फिर उत्तर प्रदेश लौटने और आगरा के रास्ते नागपुर पहुंचने की जानकारी सामने आई। रिपोर्टों में तीन आईफोन के इस्तेमाल और फेसटाइम के जरिए बातचीत का भी उल्लेख है। 20 अक्टूबर को श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि दुबे और एक चालक को नागपुर से गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई।

