फर्रुखाबाद। विधान परिषद के खंड स्नातक एवं खंड शिक्षक निर्वाचन-2026 में मतदाता सूची में लिपिकीय या मुद्रण संबंधी त्रुटियों के कारण किसी भी मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में गलती पाए जाने पर शिकायत का नियमानुसार परीक्षण कर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र मतदाताओं को मतदान करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मंडलायुक्तों, रिटर्निंग अधिकारियों, निर्वाचन अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों और मतदान कार्मिकों को निर्देशित किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की लिपिकीय अथवा मुद्रण संबंधी त्रुटि सामने आने पर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। नियमानुसार परीक्षण के बाद उसका उचित निस्तारण किया जाए, जिससे मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा हो सके और निर्वाचन प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न कराई जा सके।

उन्होंने रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को मीडिया तथा अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए इन निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के लिए भी कहा है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को उनके मतदान संबंधी अधिकारों और शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना है, ताकि किसी भी तरह की त्रुटि होने पर वे संबंधित अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचा सकें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को जनपद स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से मतदाताओं की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उनका प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन संबंधी निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए और मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्देशों के पालन में शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध गंभीर कार्रवाई की जाएगी। निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने और मतदाताओं के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी जिम्मेदारी से कार्य करने को कहा गया है।