भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी. राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को विपक्षी दलों पर हमला करने के बजाय देश के सामने मौजूद महत्वपूर्ण चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत बताई।

डी. राजा ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और सरकार को उसकी आलोचनाओं को राजनीतिक हमले के रूप में देखने के बजाय उन पर विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, देश के सामने मौजूद समस्याओं का समाधान निकालने के लिए सरकार और विपक्ष के बीच सार्थक संवाद जरूरी है।

भारत-चीन विवाद पर अपनी बात रखते हुए सीपीआई महासचिव ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जा सकता है। उन्होंने इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर संयम और संवाद को महत्वपूर्ण बताया। भारत और चीन के संबंधों में स्थिरता दोनों देशों के हित में है।

डी. राजा के इस बयान से केंद्र सरकार की नीतियों और भारत-चीन संबंधों को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो सकती है। विपक्ष लगातार राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और घरेलू मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगता रहा है। वहीं, भारत-चीन विवाद के समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जाता है।