राजेपुर में प्रिंटर खराब, सबलपुर में जांच सामग्री का अभाव; बाल आभा आईडी बनाने में तेजी लाने के निर्देश
फर्रुखाबाद। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता परखने के लिए चार जनपद स्तरीय टीमों ने विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर, इमादपुर पमारान स्थित विद्यालय में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण में चिकित्सकों की उपस्थिति, ओपीडी, ऑनलाइन पंजीकरण, जांच सुविधाओं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर में निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मान सिंह सहित अन्य चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित मिले। हालांकि, डॉ. एसपी सिंह के हस्ताक्षर उपस्थिति पंजिका में नहीं मिले। निरीक्षण के समय तक 10 मरीजों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जा चुका था, लेकिन पर्चा निकालने वाला प्रिंटर ठीक से काम नहीं कर रहा था।
ओपीडी में डॉ. रजत कटियार आठ मरीजों को देख चुके थे, जबकि डॉ. रचिता कटियार के पास उस समय तक कोई मरीज नहीं पहुंचा था। गैर-संचारी रोग कार्यक्रम के अंतर्गत उच्च रक्तचाप और मधुमेह सहित अन्य बीमारियों की जांच, उपचार और संदर्भित मरीजों के नियमित फॉलोअप की व्यवस्था भी देखी गई।
प्राथमिक विद्यालय इमादपुर पमारान में दोपहर 12 बजे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम का निरीक्षण किया गया। टीम के चार सदस्यों में से दो मौके पर उपस्थित मिले। डॉ. प्रियंका ने बताया कि डॉ. शिशिर और फार्मासिस्ट पीताम्बर का आकस्मिक अवकाश स्वीकृत था।
निरीक्षण के समय तक विद्यालय के 129 निर्धारित बच्चों में से 62 का स्वास्थ्य परीक्षण पूरा हो चुका था। शेष बच्चों की जांच पूरी कराने के लिए शिक्षकों से अनुपस्थित बच्चों को बुलाने को कहा गया।
बाल आभा आईडी की प्रगति लगभग 37 प्रतिशत मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। स्टाफ नर्सों को यू-विन पोर्टल पर आवश्यक विवरण दर्ज करने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र कंप्यूटर खराब होने के कारण मोबाइल से लाभार्थियों की ई-केवाईसी कर रहे थे। इस दौरान संजय सिंह का आयुष्मान कार्ड बनाकर मौके पर ही उपलब्ध कराया गया।
दोपहर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सबलपुर का निरीक्षण किया गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद परिसर में गंदगी होने के कारण स्वास्थ्यकर्मी सड़क किनारे मरीजों को सेवाएं दे रहे थे। निरीक्षण के समय चिकित्सक डॉ. नेहा अनिल गुप्ता, स्टाफ नर्स रण सिंह और फार्मासिस्ट प्रभाकर उपस्थित मिले। डॉ. नेहा द्वारा 50 मरीजों की ओपीडी की जा चुकी थी।
स्टाफ नर्स के पास रक्तचाप मापने वाले उपकरण की बैटरी डिस्चार्ज मिली, जबकि मधुमेह जांच के लिए आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध नहीं थी। बाढ़ के बाद परिसर की सफाई और आवश्यक जांच सुविधाएं बहाल करने की जरूरत सामने आई।
सबलपुर में ग्रामीणों को आयुष्मान भारत योजना की जानकारी दी गई। कार्ड बनाने के इच्छुक स्वयंसेवी अरुण कुमार को कार्ड बनाने की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। ग्राम पंचायत के शेष 261 लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराई गई, ताकि पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाया जा सके। ग्राम प्रधान बृजपाल सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
निरीक्षण में ऑनलाइन पंजीकरण, जांच उपकरणों, आवश्यक सामग्री और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कमियां सामने आईं। बाढ़ प्रभावित स्वास्थ्य केंद्र में सफाई और सामान्य संचालन बहाल करना भी जरूरी पाया गया। संबंधित व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर मरीजों को समय से जांच, उपचार और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना आवश्यक है।

