- किसान सम्मान निधि और केवाईसी के नाम पर लोगों को बनाते थे निशाना

- बेरोजगारों के नाम पर खुलवाते थे बैंक खाते

प्रतापगढ़। देशभर में करीब 5 अरब रुपये की साइबर ठगी किए जाने के मामले में प्रतापगढ़ से 53 आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि आरोपियों का नेटवर्क कुंडा, रानीगंज और प्रतापगढ़ देहात क्षेत्र तक फैला था। अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों की जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े इस नेटवर्क का खुलासा हुआ।

जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, साइबर ठग फोन के जरिए लोगों को झांसे में लेते थे। किसान सम्मान निधि की राशि दिलाने और बैंक खाते की केवाईसी पूरी कराने के नाम पर लोगों से संपर्क किया जाता था। इस दौरान लोगों की गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर ठगी किए जाने का आरोप है।

बताया जा रहा है कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क में बेरोजगार लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपियों पर लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाने और बाद में उन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन के लिए करने का आरोप है।

आरोप है कि साइबर अपराधी दूसरे लोगों के बैंक खाते किराये पर लेकर उनमें ठगी की रकम मंगवाते थे। इससे ठगी की रकम अलग-अलग खातों में स्थानांतरित की जाती थी और वास्तविक आरोपियों तक पहुंचना जांच एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो जाता था।

मामले में प्रतापगढ़ के कुंडा, रानीगंज और देहात क्षेत्र से 53 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क से संबंधित शिकायतें अलग-अलग थानों में दर्ज थीं। जांच के दौरान आरोपियों के बीच संपर्क और बैंक खातों के इस्तेमाल की कड़ियों को खंगाला गया।

इस मामले में देशभर में करीब 5 अरब रुपये की साइबर ठगी का आंकड़ा सामने आया है। हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह राशि कुल दर्ज शिकायतों, संदिग्ध लेनदेन या जांच में प्रमाणित ठगी से संबंधित है। पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही ठगी की कुल रकम, आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क के विस्तार की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।