नई दिल्ली। भारतीय महिला पहलवान काजल धोचक और नीलम सरोही ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। महज 18 साल की काजल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रचा, वहीं नीलम ने भी अपने दमदार खेल से भारत की झोली में सिल्वर मेडल डाला। दोनों पहलवान अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सकीं, लेकिन उनकी उपलब्धि ने भारतीय कुश्ती को नई पहचान दिलाई।
महिला कुश्ती के 50 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में भारतीय पहलवान नीलम सरोही का सामना जापान की दिग्गज पहलवान युई सुसाकी से हुआ। मुकाबले में सुसाकी ने अपने अनुभव और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया। नीलम ने चुनौती पेश की, लेकिन जापानी पहलवान के आक्रामक खेल के सामने उन्हें हार का सामना करना पड़ा और रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
युई सुसाकी ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा और एक भी अंक गंवाए बिना खिताब तक पहुंचीं। फाइनल में उन्होंने पहले पीरियड के समाप्त होने से ठीक पहले नीलम को चित कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ सुसाकी ने विश्व चैंपियनशिप का अपना पांचवां खिताब हासिल किया। वहीं, नीलम विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली अंशु मलिक के बाद दूसरी भारतीय महिला पहलवान बन गईं।
दूसरी ओर, युवा पहलवान काजल धोचक ने भी रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। महज 18 वर्ष की उम्र में विश्व स्तर पर पदक हासिल करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। काजल और नीलम की इस सफलता से भारतीय कुश्ती को नई उम्मीद मिली है। दोनों पहलवानों के प्रदर्शन ने साबित किया कि भारतीय महिला पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चुनौतियों का सामना करने और देश के लिए पदक जीतने की क्षमता रखती हैं।

