- संकिसा महोत्सव में तेज प्रताप यादव की घोषणा से बढ़ी सियासी हलचल

- डॉ. नवल किशोर शाक्य के संयोजन में उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का जनसैलाब

संकिसा, फर्रुखाबाद। भगवान बुद्ध की ऐतिहासिक धरा संकिसा पर आयोजित दो दिवसीय महापरित्राण पाठ एवं संकिसा महोत्सव-2026 भव्य आयोजन और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच संपन्न हुआ। बौद्ध पुस्तकालय एवं महासमता बुद्ध विहार, संकिसा के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में भगवान बुद्ध की विरासत, उसके सम्मान और सामाजिक एकजुटता को लेकर वक्ताओं ने अपनी बात रखी। हालांकि, तेज प्रताप यादव की घोषणा का वास्तविक विवरण उपलब्ध नहीं होने के कारण उसकी विषयवस्तु की पुष्टि नहीं हो सकी है।

डॉ. नवल किशोर शाक्य के संयोजन में सफल आयोजन, हजारों की भीड़ ने दिखाई भागीदारी

संकिसा महोत्सव की सफलता और श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी के पीछे कार्यक्रम संयोजक डॉ. नवल किशोर शाक्य की भूमिका प्रमुख रही। उनके संयोजन में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। महापरित्राण पाठ में सहभागिता के लिए दूर-दराज से आए लोगों ने आयोजन में भाग लिया। संकिसा की पावन धरती पर पहुंचे श्रद्धालुओं का आयोजक मंडल ने स्वागत और अभिनंदन किया।

पूज्य भंते चैतसिक बोधि, डॉ. नवल किशोर शाक्य और प्रियंका शाक्य कार्यक्रम के आयोजक रहे। आयोजन में धार्मिक गतिविधियों के साथ भगवान बुद्ध की शिक्षाओं, सामाजिक समरसता और बौद्ध विरासत के संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने महोत्सव को व्यापक स्वरूप दिया।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव मुख्य अतिथि और आलोक शाक्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा महाराज सिंह शाक्य, विधायक विजेश कठेरिया, पूर्व जिलाध्यक्ष घुमान सिंह वर्मा, डॉ. आलोक शाक्य, डॉ. बी.के. शाक्य, भीलौलिया बुद्ध महोत्सव के अध्यक्ष जयप्रकाश शाक्य, विकास यादव, गौरव यादव, मुकेश यादव, गुन्नू शाक्य, अनूप शाक्य, जिलाध्यक्ष श्यामवीर शाक्य, सोनू, वेदपाल मौर्य और नरेंद्र मौर्य सहित अनेक गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।

महोत्सव के दौरान वक्ताओं ने भगवान बुद्ध की विरासत और बौद्ध स्थलों के सम्मान का मुद्दा उठाया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में देश में भगवान बुद्ध की विरासतों पर कब्जा करने और उनका अपमान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में पीडीए समाज एकजुट होकर भगवान बुद्ध के सम्मान की पुनर्स्थापना के लिए आवाज उठाएगा।

वक्ताओं के संबोधन में सामाजिक एकजुटता और भगवान बुद्ध के विचारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर ‘नमो बुद्धाय’ के जयघोष से गूंज उठा।

दो दिवसीय महापरित्राण पाठ एवं संकिसा महोत्सव के समापन पर आयोजक मंडल ने अतिथियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। डॉ. नवल किशोर शाक्य के संयोजन में संपन्न हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी चर्चा का विषय रही। महोत्सव ने संकिसा की बौद्ध विरासत और भगवान बुद्ध के सम्मान से जुड़े मुद्दों को फिर से केंद्र में ला दिया।