- 31 दिसंबर तक चलेगा अभियान, छूटे हुए परिवारों और 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों पर रहेगा विशेष जोर

- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कोटेदार, पंचायत सहायक और रोजगार सेवकों को सौंपी गई जिम्मेदारी

फर्रुखाबाद। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ दिलाने के लिए जनपद में 1 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 तक दो माह का विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान शत-प्रतिशत पात्र परिवारों और उनके छूटे हुए सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ कई अन्य विभागों और स्थानीय स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों का सहयोग लिया जाएगा। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, कोटेदार, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, स्वयंसेवक और स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी दी जाएगी। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक भी पात्र परिवारों को योजना के प्रति जागरूक करेंगे।

अभियान में उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनके कुछ सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं, लेकिन परिवार के अन्य पात्र सदस्य अभी भी योजना के लाभ से वंचित हैं। इसके लिए राज्य स्तर से उपलब्ध कराए जाने वाले अद्यतन आंकड़ों के आधार पर छूटे हुए लाभार्थियों की पहचान की जाएगी।

दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर दूसरे जनपदों एवं राज्यों में काम करने वाले लोगों के अपने मूल निवास पर लौटने की संभावना को देखते हुए विशेष संपर्क अभियान भी चलाया जाएगा। ऐसे लोगों के कार्ड बनवाने के लिए संबंधित कर्मचारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्ड बनाने की प्रक्रिया को गति देने के लिए ऑपरेटर आईडी तैयार कराने और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की जा रही है। विभागीय स्तर पर गूगल मीट के माध्यम से भी ऑपरेटर आईडी बनाने की प्रक्रिया समझाई जाएगी।

योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति आयुष्मान कार्ड से वंचित न रहे।

### आपातकाल में एंबुलेंस के लिए नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार, 108 और 102 सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर

ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में समय पर एंबुलेंस पहुंचाने की तैयारी, गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने पर भी रहेगा विशेष ध्यान

फर्रुखाबाद। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में जनपद में संचालित 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जनपद में 108 एंबुलेंस सेवा का उपयोग आपातकालीन मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जाता है, जबकि 102 एंबुलेंस सेवा मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने और ले जाने में मदद करती है। इन सेवाओं का उद्देश्य जरूरतमंदों को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराकर उपचार में होने वाली देरी को कम करना है।

सीएमओ के निर्देशन में एंबुलेंस की उपलब्धता, उनकी तैनाती और मरीजों तक पहुंचने में लगने वाले समय को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता में शामिल है।

स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि आपातकालीन स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में एंबुलेंस सेवा प्रदाताओं और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय, उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग और आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान जरूरी है।

विभाग का उद्देश्य है कि किसी भी मरीज या गर्भवती महिला को एंबुलेंस के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े और जरूरत पड़ने पर उन्हें समय से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके।