फर्रुखाबाद। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए जिला पंचायत ने बड़ी पहल की है। जिले में पहली बार जिला पंचायत की ओर से उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। इसके तहत चार ब्लॉकों की 11 ग्राम पंचायतों में करीब 4.53 करोड़ रुपये की लागत से आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है और अब भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके गांव के नजदीक ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि छोटी-मोटी बीमारियों के उपचार, स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और प्राथमिक चिकित्सा के लिए उन्हें दूर स्थित अस्पतालों का चक्कर न लगाना पड़े। नए भवन बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के अलावा 234 उप स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इनमें से करीब 150 आयुष्मान आरोग्य केंद्रों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) तैनात हैं। ऐसे में नए भवनों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में मदद मिलेगी।
प्रत्येक उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन के निर्माण पर करीब 41.19 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। लगभग 3500 वर्गफीट क्षेत्रफल में बनने वाले इन भवनों में मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। भवन में लेबर रूम, क्लीनिक कक्ष, हेल्थ वेलनेस सेंटर, दो अतिरिक्त कमरे, रसोई और दो शौचालय बनाए जाएंगे। इन सुविधाओं के जरिए स्वास्थ्य केंद्रों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।
जिले के कायमगंज ब्लॉक के जौरा और गूजरपुर गांव में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का निर्माण कराया जाएगा। शमसाबाद ब्लॉक के सुल्तानपुर खरेटा और मिल्क संतोष गांव को भी इस योजना में शामिल किया गया है। वहीं, कमालगंज ब्लॉक के सरफुद्दीनपुर, कतरौली पट्टी और भटपुरा गांव में भवन बनाए जाएंगे। इसके अलावा मोहम्मदाबाद ब्लॉक के फगुना अतनपुर, सितवनपुर पिथू, बनकटी और सितवनपुर पिसू गांव में भी उप स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। इस तरह चारों ब्लॉकों की कुल 11 ग्राम पंचायतों को योजना का लाभ मिलेगा।
जिला पंचायत के अवर अभियंता रामप्रवेश ने बताया कि निर्माण के लिए ग्राम समाज की भूमि चिह्नित कर ली गई है। इस भूमि को स्वास्थ्य विभाग के नाम हस्तांतरित कराने की प्रक्रिया चल रही है। भूमि हस्तांतरण की औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
जिला पंचायत की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नए भवनों के तैयार होने के बाद स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इन केंद्रों का वास्तविक लाभ इस बात पर भी निर्भर करेगा कि निर्माण पूरा होने के बाद यहां स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता और चिकित्सा सेवाओं का संचालन किस तरह सुनिश्चित किया जाता है।

