तिरुवनंतपुरम। केरलम में वर्ष 2006 में शुरू हुई एक सड़क परियोजना में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस परियोजना से जुड़े आरोपों की विजिलेंस जांच अब भी जारी है। मामले में सरकारी खजाने को हुए कथित नुकसान को लेकर विधानसभा में जानकारी दी गई है।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री पी.के. बशीर ने विधानसभा में बताया कि परियोजना में कथित अनियमितताओं के कारण सरकार को लगभग 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में जांच एजेंसियां संबंधित तथ्यों और आरोपों की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, नुकसान की राशि और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
इस मामले का संबंध मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को लेकर उठ रहे सवालों से भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि जांच में ज्ञानेश कुमार की व्यक्तिगत भूमिका को लेकर क्या निष्कर्ष सामने आए हैं। किसी भी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच के आधिकारिक निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
विधानसभा में इस मुद्दे पर दी गई जानकारी के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो सकती है। फिलहाल विजिलेंस जांच जारी है और मामले में अंतिम निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित अनियमितताओं, जिम्मेदार लोगों और सरकारी खजाने को हुए नुकसान के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

