लखनऊ। परीक्षा के दौरान होने वाली चिंता और तनाव से निपटने के लिए विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन और नियमित अध्ययन का महत्व बताया गया। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से मंगलवार को ‘हाउ टू हैंडल एग्जाम एंग्जायटी’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान मानसिक संतुलन बनाए रखने, नकारात्मक विचारों से बचने और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने के तरीके समझाए गए।

कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में आयोजित कार्यक्रम में काउंसलर डॉ. काकुल है ने विद्यार्थियों को परीक्षा संबंधी चिंता के लक्षणों को पहचानने और उन पर नियंत्रण रखने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय घबराहट होना कई विद्यार्थियों के लिए सामान्य अनुभव है, लेकिन सही दिनचर्या, नियमित तैयारी और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर इस स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि परीक्षा की तैयारी अंतिम समय पर करने के बजाय नियमित रूप से पढ़ाई करना अधिक उपयोगी होता है। पढ़ाई के लिए समय-सारिणी तैयार करने, विषयों को प्राथमिकता के आधार पर बांटने और बीच-बीच में विश्राम लेने से पढ़ाई का दबाव कम करने में मदद मिलती है। पर्याप्त नींद और संतुलित दिनचर्या भी मानसिक एकाग्रता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

डॉ. काकुल है ने नकारात्मक विचारों पर नियंत्रण रखने और सकारात्मक आत्म-संवाद अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे परीक्षा को डर और दबाव के रूप में देखने के बजाय अपनी जानकारी और क्षमताओं को प्रदर्शित करने के अवसर के रूप में लें। दूसरों से अपनी तुलना करने के बजाय अपनी तैयारी और प्रगति पर ध्यान देना भी जरूरी है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने बताया कि परीक्षा में अच्छे प्रदर्शन के लिए केवल अधिक समय तक पढ़ना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पढ़ाई की सही रणनीति, विषयों की समझ और मानसिक संतुलन भी आवश्यक हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि किसी विषय में कठिनाई होने पर शिक्षकों और सहपाठियों की मदद लेने में संकोच न करें।

विभागाध्यक्ष डॉ. मजहर खालिक के संयोजन और सह-संयोजक डॉ. रजा अब्बास हैदरी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. वली उल्लाह और राकेश कुमार गौतम ने आयोजन में सहयोग किया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा संबंधी तनाव के प्रति जागरूक करना और उन्हें मानसिक रूप से अधिक तैयार बनाना था। इस दौरान नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, पर्याप्त विश्राम और सकारात्मक सोच को परीक्षा की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।