- स्वगणना अभियान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी पर जोर

- जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने दिए त्रुटिरहित आंकड़े जुटाने के निर्देश

फर्रुखाबाद। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या गणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, फर्रुखाबाद में शिक्षकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी ने कार्मिकों को जनगणना के आंकड़ों का शुद्धता और निर्धारित समयसीमा के भीतर संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं का निर्माण, संसाधनों का उचित वितरण और जनकल्याणकारी नीतियों का निर्धारण किया जाता है। इसलिए जनगणना कार्य में लगे सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने कहा कि जनगणना के प्रथम चरण में कार्मिकों ने सराहनीय कार्य किया है। इसी कार्यकुशलता और जिम्मेदारी के साथ दूसरे चरण को भी सफल बनाया जाए। आंकड़ों के संकलन के साथ उनकी शुद्धता और डिजिटल प्रविष्टि पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके।

जिलाधिकारी ने बताया कि स्वगणना अभियान के माध्यम से नागरिक स्वयं निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भागीदारी कर सकें।

प्रशिक्षणार्थियों से उन्होंने कहा कि जनगणना से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों, प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं को गंभीरता से समझें। किसी भी प्रकार की शंका होने पर प्रशिक्षकों से उसका समाधान प्राप्त करें, जिससे वास्तविक गणना के दौरान सूचनाओं के संकलन और प्रविष्टि में कोई गलती न हो।

जनगणना प्रभारी पारखी भार्गव ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिले में तैयारियां की जा रही हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार स्वगणना की प्रक्रिया 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक प्रस्तावित है। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनसंख्या गणना का कार्य किया जाना है। जनगणना के लिए संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 को रात्रि 12 बजे निर्धारित की गई है। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण कार्य प्रस्तावित है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर तहसीलदार सदर विक्रम सिंह, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य राजीव सिंह, जनगणना प्रभारी पारखी भार्गव सहित संबंधित अधिकारी, प्रशिक्षक और प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।