- 10 लाख रुपये की मांग और घर पर बम गिराने की चेतावनी; सोशल मीडिया पर बोलीं— डरने वाली नहीं हूं

सहारनपुर। भारतीय जनता पार्टी की पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर को डाक के जरिए भेजे गए एक धमकी भरे पत्र का मामला सामने आया है। पत्र में कथित तौर पर उनसे 10 लाख रुपये की मांग की गई है और रकम नहीं देने पर उनके घर पर बम गिराने की धमकी दी गई है। इसके अलावा पत्र में वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की चेतावनी भी दिए जाने की बात कही गई है। शशिबाला पुंडीर ने इस पत्र को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया। पत्र में लिखी गई धमकी की गंभीरता को देखते हुए यह प्रकरण राजनीतिक और सार्वजनिक हलकों में ध्यान आकर्षित कर रहा है। हालांकि, पत्र भेजने वाले की पहचान और धमकी की सत्यता को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

धमकी भरे पत्र को सार्वजनिक करने के बाद शशिबाला पुंडीर ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने अपने पोस्ट में स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी धमकी से डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने लिखा, “मोम की गुड़िया नहीं है शशिबाला पुंडीर। राजपूत की बेटी हूं, डरती नहीं।” अपने संदेश में उन्होंने कहा कि राजपूत होना उनका धर्म है और वह सच्चाई के लिए लड़ती रहेंगी। पुंडीर ने यह भी कहा कि वह हथियार लेकर नहीं चलतीं और अकेले ही, यहां तक कि रात-बेरात भी, अपने रास्ते पर चलती हैं। उन्होंने पत्र भेजने वाले को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह की धमकियां उनके हौसले, हिम्मत और निष्पक्षता को दबा नहीं सकतीं। उनके अनुसार, इस घटना ने उन्हें डराने के बजाय और अधिक दृढ़ बनाया है।

पूर्व विधायक ने अपने पोस्ट में आगे कहा कि वह अपनी सार्वजनिक गतिविधियों और रोजाना के कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करती रहेंगी। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई उनके कार्यक्रम का वीडियो वायरल करना चाहता है तो वह ऐसा कर सकता है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक उनकी बात पहुंचे। उनके इस बयान को धमकी के सामने पीछे न हटने के उनके रुख के तौर पर देखा जा रहा है। पुंडीर ने अपने संदेश में अपने परिवार और बेटे से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि कोई उनके बेटे पर दुष्कर्म का आरोप लगाना चाहता है, तो वह इसके लिए 10 लाख रुपये देने की बात कहती हैं। उनके इस बयान का संदर्भ उनके पोस्ट में दी गई चुनौती से जुड़ा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनके बेटे के खिलाफ किसी मामले या आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती है।

इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि धमकी भरा पत्र किसने भेजा और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। पत्र में कथित तौर पर धन की मांग, घर पर बम गिराने की चेतावनी और 2027 का चुनाव नहीं लड़ने का दबाव बनाए जाने की बात कही गई है। यदि इन धमकियों की पुष्टि होती है, तो यह किसी व्यक्ति की सुरक्षा के साथ-साथ चुनावी माहौल में स्वतंत्र रूप से राजनीतिक गतिविधियां करने के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला होगा।