शंघाई में कॉन्सुल जनरल प्रतीक माथुर ने चीनी ध्रुवीय अनुसंधान संस्थान के निदेशक से की मुलाकात

शंघाई। भारत में एशिया फोरम फॉर पोलर साइंसेज (एएफओपीएस) की 22वीं बैठक के सफल समापन के बाद भारत के कॉन्सुल जनरल प्रतीक माथुर ने शंघाई में पोलर रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ चाइना के निदेशक डॉ. झांग बीचेन से मुलाकात की। इस दौरान कोच्चि में आयोजित बैठक के निष्कर्षों और ध्रुवीय अनुसंधान, जलवायु विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

बैठक में वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया गया। दोनों पक्षों ने ध्रुवीय क्षेत्रों से जुड़े अनुसंधान और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

ध्रुवीय क्षेत्रों का अध्ययन वैश्विक जलवायु प्रणाली, समुद्र के स्तर में बदलाव और पर्यावरणीय परिवर्तनों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में वैज्ञानिक संस्थानों के बीच ज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना अहम माना जाता है।

इस मुलाकात का प्रमुख उद्देश्य कोच्चि बैठक में सामने आए निष्कर्षों को आगे बढ़ाना और वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच ध्रुवीय विज्ञान एवं जलवायु अनुसंधान में सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करना रहा।