जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा एडवोकेट ने संभाली जिम्मेदारी, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को होने वाली परीक्षा के लिए धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था

फर्रुखाबाद, 28 अक्टूबर। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में शामिल होने के लिए दूसरे जनपदों से फर्रुखाबाद आने वाले परीक्षार्थियों को अब ठहरने और भोजन की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष एवं समाजसेवी भईयन मिश्रा एडवोकेट ने परीक्षार्थियों के लिए निशुल्क रहने, खाने, चाय और नाश्ते की व्यवस्था की है। जनसेवा की यह पहल 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल होने वाले बाहर के परीक्षार्थियों के लिए राहत का माध्यम बनेगी।

भईयन मिश्रा ने बताया कि पिछले कई वर्षों से फर्रुखाबाद में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के केंद्र बनाए जा रहे हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं दूसरे जनपदों से परीक्षा देने पहुंचते हैं। जनपद में ठहरने के सीमित विकल्पों के कारण कई परीक्षार्थियों को रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और सड़कों के आसपास रात गुजारनी पड़ती थी। इससे उन्हें परीक्षा से पहले असुविधा और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता था।

भईयन मिश्रा ने बताया कि परीक्षार्थियों की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने अपनी पूरी टीम के साथ कई वर्ष पहले निशुल्क ठहरने और भोजन की व्यवस्था शुरू की थी। तब से यह सेवा लगातार जारी है। अब तक हजारों परीक्षार्थी इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। उनके मुताबिक, परीक्षा देने आए विद्यार्थियों ने व्यवस्था की सराहना की है और इससे फर्रुखाबाद की सामाजिक सेवा की पहचान दूसरे जनपदों तक पहुंची है।

उन्होंने कहा कि बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान इस चिंता से मुक्त रखना जरूरी है कि वे कहां रुकेंगे, भोजन कैसे मिलेगा और सुबह परीक्षा केंद्र तक कैसे पहुंचेंगे। जब उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था हो जाती है तो वे मानसिक रूप से निश्चिंत होकर परीक्षा की तैयारी और प्रश्नपत्र पर ध्यान दे सकते हैं।

परीक्षार्थियों के ठहरने के लिए विशंभर दयाल धर्मशाला, हिंदी भवन, सिंधी धर्मशाला और संस्कृत पाठशाला सहित अन्य स्थानों पर व्यवस्था की गई है। यहां बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को निशुल्क ठहराया जाएगा। भोजन, चाय और नाश्ते की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी।

परीक्षार्थियों को निर्धारित स्थानों तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और अन्य प्रमुख स्थानों पर बैनर लगाए जाते हैं। स्थानीय दुकानदारों को भी जानकारी दी जाती है, ताकि जरूरतमंद परीक्षार्थियों को सही स्थान तक पहुंचने में मदद मिल सके।

भईयन मिश्रा ने बताया कि हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान भी बाहर से आए परीक्षार्थियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई थी। उनके अनुसार, उस दौरान व्यवस्था का लाभ लेने वाले 27 परीक्षार्थियों ने पुलिस भर्ती परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता करने के बाद जब उन्हें सफलता मिलती है तो पूरी टीम को खुशी होती है।

उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहती है कि परीक्षा देने आने वाले विद्यार्थियों को हर संभव सुविधा मिले और वे अपने लक्ष्य को हासिल कर सकें। यह सेवा किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी समझकर की जा रही है।