- चरित्र सत्यापन के नियम सख्त
लखनऊ। सरकारी नौकरी पाने के लिए अब अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया को और सख्त किया जा रहा है। हिंसा और गंभीर अपराधों में शामिल पाए जाने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। इस संबंध में चरित्र सत्यापन की नई प्रक्रिया को लेकर शासन स्तर पर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों की आपराधिक पृष्ठभूमि और गतिविधियों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हिंसक गतिविधियों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं में संलिप्तता सामने आने पर सरकारी नौकरी मिलने में बाधा आ सकती है।
चरित्र सत्यापन में विचारधारा के आधार पर किसी अभ्यर्थी के खिलाफ फैसला नहीं लिया जाएगा। इसी तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने मात्र को सरकारी नौकरी से वंचित करने का आधार नहीं बनाया जाएगा। कार्रवाई का आधार संबंधित गतिविधियों की प्रकृति, अपराध में संलिप्तता और उपलब्ध साक्ष्य होंगे।
नई प्रक्रिया के तहत पुलिस को चरित्र सत्यापन की रिपोर्ट 30 दिन के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिए जाने की जानकारी है। इसका उद्देश्य सरकारी भर्ती में अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना है।
