क्रासर
32,712 रुपये बकाया होने का दावा, भोजन आपूर्तिकर्ता ने चिकित्सा प्रभारी को दिया शिकायती पत्र; भुगतान न होने से बढ़ी परेशानी
शमशाबाद, फर्रुखाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शमशाबाद में भर्ती प्रसूता महिलाओं के लिए भोजन की व्यवस्था बकाया भुगतान के चलते 27 अक्टूबर से पूरी तरह ठप हो गई है। अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध कराने वाले आपूर्तिकर्ता का कहना है कि पिछले कई महीनों से भुगतान नहीं मिलने के कारण अब उसके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस स्थिति में प्रसूताओं को भोजन उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा है। मामले को लेकर भोजन आपूर्तिकर्ता जैद पुत्र जहीर खां निवासी मोहल्ला गढ़ी, नगर पंचायत शमशाबाद ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को लिखित शिकायती पत्र देकर बकाया भुगतान दिलाए जाने की मांग की है।
शिकायती पत्र के अनुसार, जैद एक अगस्त से 26 अक्टूबर 2026 तक सीएचसी शमशाबाद में भर्ती प्रसूता महिलाओं को नियमित रूप से भोजन उपलब्ध करा रहा था। यह व्यवस्था ठेकेदार सौरभ के माध्यम से संचालित हो रही थी। आपूर्तिकर्ता का आरोप है कि ठेकेदार सौरभ ने जून 2026 के बाद से मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में कोई बिल प्रस्तुत नहीं किया। इसके चलते भोजन आपूर्ति के एवज में होने वाला भुगतान अटक गया और लगातार काम करने के बावजूद उसे अपनी रकम नहीं मिल सकी।
जैद के अनुसार, अगस्त महीने में उपलब्ध कराए गए भोजन का 9,272 रुपये, सितंबर का 13,000 रुपये तथा एक अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक का 10,440 रुपये बकाया है। इस तरह कुल 32,712 रुपये का भुगतान लंबित है। कई महीनों तक भुगतान नहीं मिलने से उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। उसका कहना है कि भोजन तैयार करने और उपलब्ध कराने में होने वाला खर्च वह लगातार अपनी ओर से उठाता रहा, लेकिन अब आर्थिक तंगी के चलते आगे यह व्यवस्था जारी रख पाना संभव नहीं है।
भोजन आपूर्तिकर्ता ने बताया कि भुगतान की समस्या के संबंध में उसने 24 अक्टूबर को ही ठेकेदार को व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दे दी थी। इसके बावजूद बकाया भुगतान की समस्या का समाधान नहीं हो सका। आखिरकार 27 अक्टूबर से प्रसूताओं के लिए भोजन की आपूर्ति बंद करनी पड़ी। उसने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि अस्पताल का संबंधित स्टाफ उसके द्वारा भोजन उपलब्ध कराए जाने का गवाह है। ऐसे में अस्पताल स्तर पर भोजन आपूर्ति की पुष्टि कराकर ठेकेदार से बिल प्रस्तुत कराने की प्रक्रिया पूरी कराई जाए, ताकि उसे मेहनत की बकाया रकम मिल सके।
सीएचसी में भर्ती प्रसूता महिलाओं के लिए भोजन की व्यवस्था बंद होने से अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रसव के बाद महिलाओं को पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती है, लेकिन भुगतान संबंधी विवाद के कारण भोजन आपूर्ति प्रभावित होने से परेशानी पैदा हो गई है। आपूर्तिकर्ता का कहना है कि यदि समय से भुगतान कर दिया जाता तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
मामले को लेकर जैद ने प्रभारी चिकित्साधिकारी से जल्द कार्रवाई कर बकाया भुगतान दिलाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी अस्पताल प्रशासन से समस्या का शीघ्र समाधान कराने की अपील की है, ताकि भर्ती प्रसूता महिलाओं के लिए भोजन की व्यवस्था दोबारा शुरू हो सके। अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कितनी जल्दी संज्ञान लेकर बकाया भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराता है और अस्पताल में बंद पड़ी भोजन व्यवस्था को बहाल कराने के लिए क्या कदम उठाता है।

