क्रासर
गंभीर प्रसुताओं ने किया दवा का सेवन
फर्रुखाबाद। करवा चौथ के पर्व पर पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस पर्व की आस्था का असर डॉ. राम मनोहर लोहिया महिला चिकित्सालय में भर्ती प्रसूताओं के बीच भी नजर आया। अस्पताल में भर्ती कई प्रसूताओं ने प्रसव के बाद की शारीरिक स्थिति के बावजूद निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु की कामना की।
करवा चौथ के अवसर पर व्रत रखने वाली प्रसूताओं ने पूरे दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए उपवास रखा। कुछ प्रसूताओं ने दवाओं का सेवन भी नहीं किया। उनका कहना था कि वे रात में चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही अपना व्रत खोलेंगी और इसके बाद दवाओं का सेवन करेंगी। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उनके मन में पर्व को लेकर उत्साह और आस्था बनी रही।
प्रसूताओं का कहना था कि करवा चौथ उनके लिए पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की कामना का विशेष पर्व है। यही वजह है कि अस्पताल में उपचाराधीन होने के बावजूद उन्होंने परंपरा के अनुसार व्रत रखने का निर्णय लिया।
हालांकि, प्रसव के बाद महिलाओं के शरीर में कमजोरी और पोषण की आवश्यकता अधिक होती है। ऐसे में चिकित्सकीय सलाह के बिना भोजन, पानी या निर्धारित दवाएं छोड़ना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। विशेषकर प्रसव के तुरंत बाद निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं को चिकित्सकों की सलाह का पालन करना चाहिए, ताकि आस्था के साथ उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

