- 6 अक्टूबर को छात्र महाजुटान का ऐलान
- छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन तेज
- छात्रनेता आशुतोष मौर्य ने प्रशासन पर दबाव बनाने और मुकदमे की धमकी देने का लगाया आरोप
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रही भूख हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। मांगों के समाधान की मांग को लेकर छात्र लगातार धरने पर डटे हुए हैं। आंदोलनरत छात्रों ने अब अपनी आवाज को व्यापक स्तर पर उठाने के लिए 6 अक्टूबर को छात्र महाजुटान का आह्वान किया है।
भूख हड़ताल पर सचिदानंद, विवेक निषाद, आयुष और दीपक कुमार बैठे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं की जाती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने के लिए छात्रों ने 6 अक्टूबर को छात्र महाजुटान आयोजित करने की घोषणा की है। छात्रों के मुताबिक, इस जुटान में बड़ी संख्या में छात्र शामिल होकर अपनी समस्याओं और मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने रखेंगे। इसके जरिए आंदोलन को और मजबूती देने की तैयारी है।
छात्रनेता आशुतोष मौर्य ने आरोप लगाया कि छात्रों के जुटान और आंदोलन से विश्वविद्यालय प्रशासन दबाव में है। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी जा रही है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपील की है कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का आंदोलन जारी है। अब 6 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्र महाजुटान पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

