कानपुर। दुकानदारों के बीच विवाद सुलझाने पहुंचे किदवई नगर से भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी का तीखा बयान सामने आया है। सोमवार रात करीब आठ बजे वह गोविंद नगर की विद्यार्थी मार्केट में दो दुकानदारों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने पहुंचे थे। इस दौरान गाली-गलौज और धमकी दिए जाने की जानकारी मिलने पर विधायक नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “किसी ने गाली बकी तो मुंह में जूता घुसेड़ देंगे।” उनके इस बयान के बाद बाजार में हुए विवाद और उसे शांत कराने के लिए विधायक की ओर से अपनाए गए सख्त रुख की चर्चा होने लगी। घटना के दौरान विधायक ने व्यापारियों को आपसी विवाद समाप्त कर शांतिपूर्ण तरीके से कारोबार करने की नसीहत भी दी।

जानकारी के अनुसार, विद्यार्थी मार्केट में दो दुकानदारों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। मामला बढ़ने के साथ गाली-गलौज और धमकी दिए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद विधायक महेश त्रिवेदी वहां पहुंचे। मौके पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर कौन इतना बड़ा हो गया है कि किसी को गाली देगा। उन्होंने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि किसी के भी माई के लाल का हाथ हो, उसकी ऐसी की तैसी कर देंगे। विधायक के इन शब्दों से स्पष्ट था कि वह बाजार में गाली-गलौज और धमकी देने की स्थिति को बर्दाश्त करने के पक्ष में नहीं थे। हालांकि, विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और दोनों दुकानदारों के बीच किस मुद्दे को लेकर कहासुनी हुई, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

विधायक ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए आपसी भाईचारे और मिल-जुलकर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाजार में सभी लोगों को ईमानदारी से अपना कारोबार करना चाहिए और एक-दूसरे के साथ सम्मानजनक व्यवहार रखना चाहिए। उनके मुताबिक, व्यापारिक गतिविधियों के दौरान विवाद होने पर उसे बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए, न कि गाली-गलौज और धमकी देकर माहौल खराब करना चाहिए। उन्होंने गलत काम करने वालों को बर्दाश्त नहीं करने की बात कहते हुए व्यापारियों को अपनी जिम्मेदारी समझने की हिदायत दी। इस दौरान उनका जोर बाजार में अनुशासन बनाए रखने और दुकानदारों के बीच आपसी तालमेल कायम करने पर रहा। सार्वजनिक बाजारों में छोटे-छोटे विवाद कई बार बढ़कर तनाव का कारण बन जाते हैं, ऐसे में बातचीत और कानून के दायरे में समाधान निकालना महत्वपूर्ण होता है।

अपने संबोधन के दौरान महेश त्रिवेदी ने यह भी कहा, “पाप बढ़ने नहीं देंगे।” उनके इस बयान को बाजार में कथित तौर पर गाली-गलौज और धमकी की घटनाओं के खिलाफ उनकी नाराजगी के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, उनका बयान सख्त और आक्रामक शब्दों में था, जबकि व्यापारियों को दी गई नसीहत का मुख्य संदेश आपसी विवाद खत्म करने और ईमानदारी से कारोबार करने से जुड़ा था।