- पटरे से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा; मारपीट का वीडियो सामने आने से मचा हड़कंप

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बाहर तीमारदारों के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। संस्थान के गेट नंबर-8 के सामने नारियल पानी बेचने वाले ठेलेवालों और इलाज कराने आए मरीजों के तीमारदारों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट होने लगी। आरोप है कि ठेलेवालों ने एकजुट होकर तीमारदारों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान एक तीमारदार जान बचाने के लिए भागने लगा, लेकिन कई लोग उसके पीछे पटरे लेकर दौड़ते रहे और उसकी पीठ पर वार करते रहे। अस्पताल के बाहर हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मरीजों के साथ आए लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

प्रत्यक्ष घटनाक्रम के उपलब्ध विवरण के अनुसार, नारियल पानी बेचने वाले एक दुकानदार ने ठेलों के नीचे रखे पटरे निकाल लिए थे। इसके बाद एक तीमारदार को खदेड़ते हुए उसकी पीठ पर पटरे से वार किए गए। बताया गया है कि भागते समय तीमारदार लोहिया संस्थान के गेट के पास गिर गया, जिसके बाद 10 से अधिक ठेलेवालों ने उसे घेर लिया और पटरे से काफी देर तक पीटा। आरोप है कि हमलावरों ने एक साथ मिलकर तीमारदार पर हमला किया और उसे बचने का मौका नहीं दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। मारपीट इतनी तेज थी कि आसपास लगे कई ठेले भी गिर गए। अस्पताल परिसर के नजदीक इस तरह की घटना होने से वहां मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और अन्य लोगों के बीच भय और असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई।

यह पूरा मामला विभूतिखंड थाना क्षेत्र में स्थित लोहिया संस्थान के गेट नंबर-8 के सामने का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, घटना दोपहर करीब तीन बजे हुई। लोहिया संस्थान में इलाज कराने आने वाले मरीजों के तीमारदार अक्सर बाहर से नारियल पानी और अन्य जरूरी सामान खरीदते हैं। इसी दौरान नारियल पानी खरीदने को लेकर किसी बात पर विवाद शुरू हुआ, जो बाद में दो पक्षों के बीच मारपीट में बदल गया। शुरुआत में कहासुनी हुई और फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। हालांकि, विवाद किस बात पर शुरू हुआ और सबसे पहले मारपीट किसने की, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में कई लोगों को एक तीमारदार के साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। इस दृश्य ने अस्पताल के बाहर मौजूद लोगों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर विवाद रोकने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

बताया गया है कि मौके पर पुलिस पहुंचने के बाद ठेलेवालों ने तीमारदारों को पीटना बंद किया। पुलिस के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली, हालांकि घटना में किसी को कितनी चोटें आईं और कितने लोग प्रभावित हुए, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि मामले में कितने लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है या पुलिस ने कितने लोगों को हिरासत में लिया है।