नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में दीपावली के त्योहारी सीजन के बीच अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। पुरानी दिल्ली के अति-व्यस्त लाहौरी गेट (Lahori Gate) इलाके में दिनदहाड़े बड़ी डकैती की वारदात सामने आई है। हथियारों से लैस चार नकाबपोश बदमाशों ने एक व्यापारी के कार्यालय में घुसकर करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपये की नकदी लूट ली। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक, चार हथियारबंद बदमाश व्यापारी के दफ्तर में दाखिल हुए और वहां मौजूद कर्मचारियों को बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया। इसके बाद बदमाशों ने कार्यालय में रखी करोड़ों रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। अचानक हुई इस वारदात से इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 10 बजे चार हथियारबंद बदमाश लाहौरी गेट थाना क्षेत्र की चर्च मिशन पुलिस चौकी के पास स्थित एक बहुमंजिला इमारत में दाखिल हुए। यह कार्यालय विष्णु कांति नामक व्यापारी का बताया जा रहा है, जहां रोजाना बड़े पैमाने पर नकदी का लेन-देन होता है। आरोपी इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थित कार्यालय में पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारियों को हथियार दिखाकर डराना-धमकाना शुरू कर दिया। बदमाशों ने सभी कर्मचारियों को एक जगह बंधक बना लिया, ताकि कोई विरोध न कर सके।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की कई टीमें आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि बदमाशों की पहचान और उनके भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच में जुटी है। इस मामले में गिरफ्तारी और लूटी गई नकदी की बरामदगी से जुड़ी आधिकारिक जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।

जानकारी के मुताबिक, वारदात के बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में चारों बदमाश बिना चेहरे ढके नजर आने की बात सामने आई है। लूटपाट के बाद आरोपी चांदनी चौक की संकरी गलियों से होते हुए पैदल पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे। रेलवे स्टेशन के सामने पहले से एक संदिग्ध कार खड़ी थी। चारों बदमाश उसी कार में सवार हुए और तेजी से मौके से फरार हो गए। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान करने और उनके भागने के रास्ते की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

इस बड़ी वारदात के पीछे किसी करीबी व्यक्ति या अंदरूनी जानकारी रखने वाले शख्स का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय दुकानदारों और पुलिस की जांच के मुताबिक, बदमाशों को दफ्तर के सटीक पते, वहां नकदी रखे होने और कर्मचारियों की संख्या की जानकारी पहले से होने का संदेह है। दफ्तर एक संकरी गली में स्थित बहुमंजिला इमारत की तीसरी मंजिल पर है। ऐसे में वहां पहुंचकर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देना पुलिस के लिए भी इस सवाल को अहम बनाता है कि क्या आरोपियों ने पहले से रेकी की थी।

दफ्तर के नीचे तैनात सुरक्षा गार्ड के मुताबिक, उसकी ड्यूटी सुबह 11 बजे से शुरू होती है, जबकि डकैती सुबह करीब 10 बजे हुई। इस समय के अंतर ने भी जांच को एक अहम दिशा दी है। आशंका है कि बदमाशों ने दफ्तर की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाने के बाद गार्ड के पहुंचने से पहले वारदात को अंजाम देने का समय चुना हो सकता है।

पुरानी दिल्ली के थोक बाजार में हुई इस वारदात ने स्थानीय दुकानदारों और व्यापारिक संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। त्योहारी सीजन में बाजारों में भारी कारोबार और नकदी के लेन-देन के बीच इतनी बड़ी लूट ने व्यापारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कारोबारी इलाके में दिनदहाड़े हुई इस वारदात से व्यापारियों में भय का माहौल है।

मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश के लिए स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच की कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान और उनके भागने के रास्ते से जुड़े सुराग जुटाए जा सकें।