भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ18 रॉकेट के जरिए शुक्रवार रात 11:51 बजे एनवीएस-03 उपग्रह का प्रक्षेपण किया। करीब 18 मिनट बाद 2,232 किलोग्राम वजनी उपग्रह निर्धारित कक्षा में पहुंच गया।

इस उपग्रह से भारत और सीमा से 1,500 किलोमीटर दूर तक सटीक दिशा और स्थान की जानकारी मिलने का लक्ष्य है। कारगिल युद्ध 1999 के बाद भारत ने अपनी स्वदेशी दिशा-निर्धारण प्रणाली विकसित करने की जरूरत महसूस की थी। इसी दिशा में नाविक प्रणाली विकसित की गई।