- 30 लाख रुपये के भुगतान के बदले मांगा था 30 प्रतिशत कमीशन
- राजीव भवन में आगरा विजिलेंस टीम ने बिछाया जाल
मथुरा। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के भुगतान के नाम पर कथित कमीशनखोरी के मामले में आगरा विजिलेंस इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस एसपी राजीव अग्रवाल के नेतृत्व में टीम ने मथुरा के राजीव भवन में तैनात पंचायत सचिव मनीष भंडारी को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद विकास विभाग में हड़कंप मच गया।
मामला गोवर्धन ब्लॉक की अड़ींग ग्राम पंचायत का बताया जा रहा है। यहां 39 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस ग्रांट से ठेकेदार परवेज अहमद ने करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से इंटरलॉकिंग सड़क और नाली निर्माण के कार्य कराए थे।
आरोप है कि निर्माण कार्यों के एवज में करीब 30 लाख रुपये के भुगतान की प्रक्रिया के दौरान पंचायत सचिव मनीष भंडारी ने ठेकेदार से 30 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। इसी कथित रिश्वतखोरी से परेशान होकर ठेकेदार ने विजिलेंस से शिकायत की।
योजना के तहत ठेकेदार 1 लाख रुपये की अग्रिम रिश्वत लेकर पंचायत सचिव को देने राजीव भवन पहुंचा। इस दौरान आगरा विजिलेंस टीम के इंस्पेक्टर राकेश यादव भी उसके साथ मौजूद थे। जैसे ही पंचायत सचिव ने 1 लाख रुपये लिए, विजिलेंस टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया।
अचानक हुई इस कार्रवाई से राजीव भवन और विकास विभाग में अफरा-तफरी मच गई। विजिलेंस टीम आरोपी सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई में जुटी है।



