लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दीपावली पर प्रदेश के कर्मचारियों को बोनस दिए जाने के फैसले का जलनिगम संघर्ष समिति ने स्वागत किया है। समिति ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय को कर्मचारियों के हित में उठाया गया कदम बताते हुए खुशी जाहिर की। हालांकि, जलनिगम कर्मचारियों को पिछले करीब दस वर्षों से बोनस नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया है। समिति ने सरकार से मांग की है कि जलनिगम के कर्मचारियों को भी दीपावली बोनस का लाभ दिलाया जाए, ताकि लंबे समय से इसकी प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को राहत मिल सके।
जलनिगम संघर्ष समिति के संयोजक वाईएन उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को हमेशा अपना परिवार माना है और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए दीपावली पर बोनस देने का फैसला किया है। समिति ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि सरकार जलनिगम कर्मचारियों की लंबित मांगों पर भी गंभीरता से विचार करेगी।
समिति के अनुसार, जलनिगम में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले दस वर्षों से बोनस का लाभ नहीं मिल पाया है। इससे कर्मचारियों में निराशा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन बोनस जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से घोषित बोनस का लाभ जलनिगम कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए।
वाईएन उपाध्याय ने नौकरशाही की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री की मंशा कर्मचारियों को राहत देने की है, लेकिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण कर्मचारियों को उनके अधिकारों का लाभ मिलने में परेशानी होती है।
जलनिगम संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी बोनस संबंधी समस्या का समाधान कराया जाए और संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। समिति का कहना है कि दीपावली जैसे त्योहार पर कर्मचारियों को बोनस मिलना उनके लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ उनके काम के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है।
अब कर्मचारियों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। देखना होगा कि सरकार जलनिगम कर्मचारियों की दस साल पुरानी बोनस की मांग पर क्या निर्णय लेती है।



