आरक्षण विसंगतियों से प्रभावित सैकड़ों अभ्यर्थियों ने लखनऊ में किया प्रदर्शन, दीपावली से पहले नियुक्ति प्रक्रिया का कार्यक्रम जारी करने की मांग

**मंत्री आवास से बाहर आकर अभ्यर्थियों से मिले, दीपावली तक इंतजार करने की अपील; बोले- मैं झूठा आश्वासन नहीं देता, आपको न्याय होते दिखाई देगा

लखनऊ। 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगतियों से प्रभावित अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है। नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल के सरकारी आवास का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दीपावली से पहले नियुक्ति प्रक्रिया का कार्यक्रम जारी करने की मांग उठाई।

आशुतोष वर्मा के नेतृत्व में पहुंचे पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों के कारण उन्हें अब तक नियुक्ति का लाभ नहीं मिल सका है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी तक नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट समय-सारिणी जारी नहीं की गई है।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने दावा किया कि 10 सितंबर को हुई उच्चस्तरीय बैठक में आरक्षण विसंगतियों को स्वीकार किया गया था और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया गया था। अभ्यर्थियों का कहना है कि बैठक के बाद उन्हें उम्मीद जगी थी कि जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट कार्यक्रम सामने नहीं आया है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि दीपावली से पहले नियुक्ति प्रक्रिया की समय-सारिणी जारी की जाए, ताकि वर्षों से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दीपावली से पहले कार्यक्रम जारी नहीं हुआ तो त्योहार के दौरान भी उनका धरना जारी रहेगा।

अभ्यर्थियों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल अपने आवास से बाहर आए और आंदोलनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने उनकी मांगों को सुना और दीपावली तक समय देने की अपील की।

मंत्री ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाते हुए कहा, "मैं झूठा आश्वासन नहीं देता, मैं आपका सच्चा वकील हूं, आपको न्याय होते दिखाई देगा।" उनके इस बयान के बाद अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियुक्ति प्रक्रिया का स्पष्ट कार्यक्रम चाहिए। उनका आंदोलन आरक्षण विसंगतियों के समाधान और नियुक्ति की मांग को लेकर जारी है।