- दुख-सुख में शामिल होने पहुंचे प्रभारी मंत्री का जगह-जगह भव्य स्वागत

- काली नदी के पुल से सर्किट हाउस तक समर्थकों की भीड़

- सजातीय मतदाताओं से अलग-अलग मुलाकातों के सियासी मायने तलाशे जा रहे

फर्रुखाबाद। विधानसभा चुनाव की आहट के बीच प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह का जिले में आगमन केवल व्यक्तिगत मुलाकातों और दुख-सुख में शामिल होने तक सीमित नजर नहीं आया। उनके दौरे ने जिले के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जगह-जगह उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। खास बात यह रही कि स्वागत करने वालों में बड़ी संख्या में उनके सजातीय समर्थक भी दिखाई दिए।

काली नदी के पुल से लेकर सर्किट हाउस तक जयवीर सिंह के स्वागत का सिलसिला चलता रहा। रास्ते में समर्थकों की भीड़ उन्हें घेरती नजर आई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए शक्ति प्रदर्शन का संदेश देने की कोशिश की।

दौरे के दौरान जयवीर सिंह ने कई समर्थकों के घर पहुंचकर मुलाकात की। इनमें उनके सजातीय लोगों के घरों पर हुई अलग-अलग मुलाकातें भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गईं। सवाल उठने लगा है कि क्या यह महज सामाजिक संबंधों का निर्वहन था या इसके पीछे भविष्य की राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति भी काम कर रही है?

राजनीतिक जानकारों की नजर में विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के व्यक्तिगत संपर्क, जातीय समीकरणों के बीच संवाद और समर्थकों की सक्रियता के अपने मायने होते हैं। हालांकि मंत्री के दौरे को किसी चुनावी रणनीति का हिस्सा मानने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह समर्थकों ने स्वागत में ताकत दिखाई, उसने जिले की राजनीति में चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।

जयवीर सिंह का यह जनसंपर्क आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्थानीय समीकरणों और विपक्ष को प्रभावित करेगा समर्थकों का यह उत्साह चुनावी जमीन पर भी दिखाई देगा ।

फिलहाल जयवीर सिंह के दौरे ने जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है और भाजपा के भीतर-बाहर उनके बढ़ते संपर्कों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।