- बोले- 10 साल में विज्ञापन पर खर्च किए 7 हजार करोड़, 25 हजार स्कूल बंद
सहारनपुर। बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने सोमवार को सहारनपुर में आयोजित जनसभा में भाजपा, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में जनता के टैक्स का 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक विज्ञापनों पर खर्च किया गया, जबकि प्रदेश में 25 हजार सरकारी स्कूल बंद हो गए। डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं और युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित और सुरक्षित उत्तर प्रदेश के दावे विज्ञापनों, पोस्टरों और होर्डिंग तक सीमित हैं। सरकार के पास अपनी उपलब्धियों का प्रचार करने के लिए करोड़ों रुपये हैं, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।
आकाश आनंद ने कहा कि जनता की तीन बुनियादी जरूरतें सुरक्षा, रोजगार और शिक्षा हैं, लेकिन सरकार इन मोर्चों पर अपेक्षित परिणाम देने में विफल रही है। उन्होंने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को एनकाउंटर वाली सरकार बताया जाता है, लेकिन हत्या के मामलों को लेकर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों को बंद करने से गरीब और बहुजन समाज के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। पेपर लीक की घटनाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुफ्त राशन देने के बजाय लोगों को रोजगार और बेहतर शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है।
आकाश आनंद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर भी सरकार से सवाल किए। उन्होंने पूछा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग के युवाओं को एआई की पढ़ाई एवं प्रशिक्षण देने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। तकनीक के कारण प्रभावित होने वाली नौकरियों के विकल्प क्या होंगे और साइबर हमलों से सरकारी वेबसाइटों तथा नागरिकों के डाटा की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एआई का इस्तेमाल तेजी से खेती, रक्षा और उद्योगों में बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आकाश आनंद ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर को उनके जीवनकाल में उचित सम्मान नहीं दिया और वंचित वर्गों का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति की दिशा स्पष्ट नहीं है। कभी पीडीए में पंडितों की बात होती है तो कभी पिछड़े वर्गों की परिभाषा बदलती दिखाई देती है। उन्होंने चौधरी चरण सिंह के परिवार को लेकर सपा नेतृत्व की कथित टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई।
आकाश आनंद ने मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए सपा सरकार के कार्यकाल की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बसपा सरकार के दौरान बाबरी मस्जिद से जुड़े फैसले के समय भी प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव को दंगे में तब्दील नहीं होने दिया गया था।
आकाश आनंद ने कहा कि बसपा सरकार ने महापुरुषों के सम्मान में कई जिलों के नाम रखे थे, जिन्हें बाद में सपा सरकार ने बदल दिया। उन्होंने महामाया नगर का नाम हाथरस और रमाबाई नगर का नाम कानपुर देहात किए जाने का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, यह केवल जिलों के नाम बदलने का मामला नहीं था, बल्कि बहुजन समाज के महापुरुषों के सम्मान से जुड़ा विषय था।
उन्होंने बसपा को भाजपा की बी-टीम बताए जाने के आरोपों को भी खारिज किया और सपा पर राजनीतिक दोहरेपन का आरोप लगाया।
आकाश आनंद ने बसपा सुप्रीमो मायावती के चार बार मुख्यमंत्री रहने के दौरान किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि बसपा सरकार में छह इंजीनियरिंग कॉलेज, दो होम्योपैथिक कॉलेज, 24 पॉलिटेक्निक कॉलेज, दो पैरामेडिकल कॉलेज और 200 से अधिक इंटर एवं डिग्री कॉलेज स्थापित किए गए। इसके अलावा 5,500 से अधिक प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय बनवाए गए।
उन्होंने कहा कि बसपा सरकार ने ओबीसी वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की और भूमिहीन परिवारों को सरकारी जमीन देकर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का प्रयास किया। उनके अनुसार, बसपा सरकार के दौरान 30 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला और पुलिस विभाग में भी बड़े स्तर पर भर्तियां हुईं।
उन्होंने सावित्रीबाई फुले और रानी लक्ष्मीबाई से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से लाखों बच्चों को शिक्षा का लाभ मिला।




