पंचायती राज विभाग का सख्त आदेश, अब गांवों में ही करना होगा सफाई कार्य; लापरवाही पर होगी कार्रवाई
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शासन ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों में संबद्ध किए गए ग्रामीण सफाई कर्मियों का संबद्धीकरण समाप्त करने के निर्देश जारी किए हैं। अब सभी सफाई कर्मियों को तत्काल अपनी मूल ग्राम पंचायत में उपस्थित होकर सफाई कार्य करना होगा।
विशेष सचिव पंचायती राज जय प्रकाश पांडेय ने इस संबंध में निदेशक पंचायती राज को निर्देश जारी किए हैं। आदेश के मुताबिक, जिन ग्रामीण सफाई कर्मियों को उनकी ग्राम पंचायतों से हटाकर दूसरे सरकारी कार्यालयों में संबद्ध किया गया है, उन्हें वहां से हटाकर मूल तैनाती स्थल पर वापस भेजा जाएगा।
शासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण सफाई कर्मियों की तैनाती गांवों में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है। ऐसे में उन्हें दूसरे कार्यालयों में संबद्ध रखने से ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
बताया जा रहा है कि प्रयागराज के खीरी गांव में सफाई नहीं होने की शिकायत सामने आने के बाद शासन ने यह कदम उठाया है। सरकार का मानना है कि सफाई कर्मियों की मूल ग्राम पंचायतों में उपस्थिति सुनिश्चित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी।
शासन ने यह भी चेतावनी दी है कि सफाई कार्य में लापरवाही बरतने या शिकायत मिलने पर संबंधित सफाई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश की ग्राम पंचायतों में करीब एक लाख ग्रामीण सफाई कर्मी तैनात हैं। ऐसे में इस आदेश का असर प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों की सफाई व्यवस्था पर पड़ने की उम्मीद है।




